Thursday, September 3, 2020

विभागीय संरक्षण में मानपुर, मोहला बना सटोरिया का हब

 विभागीय संरक्षण में मानपुर, मोहला बना सटोरिया का हब

राजनांदगांव। पुलिस विभाग के संरक्षण में मानपुर एवं मोहला सहित ब्लाक के कई गांवों में प्रतिदिन बेख़ौफ़ होकर खाईवाल द्वारा लाखो-करोड़ों रुपये का खुलेआम अवैधरूप से सट्टा-पट्टी लिखने का काम जोरो से चल रहा है।


विदित हो कि राजनांदगांव जिला के अंतिम छोर मानपुर एवं मोहला ब्लाक विगत कई वर्षों से सटोरिया हब के नाम से विख्यात हो चुका है। इन दोनों ब्लाक के दर्जन भर से अधिक गावो में केवल सट्टा पट्टी लिखने का काम वर्षों से किया जा रहा है। जिनमे प्रमुखरूप से मानपुर, मोहला के अलावा कहडबरी, फूल कुहड़ो, भाषा चवेला, भर्रीटोला,तेली तोड़ा मोड़, ईरागांव,कोतरी मरकेली, एकत कन्हार,घोटाटोला, खड़गांव प्रमुख है। जहा दोपहर 12 से शाम तक सट्टा प्रेमियों का रेला लगा रहता है।


 नक्सल एवं अंतिम छोर का लाभ


बता दे कि यह  क्षेत्र  जिले के अंतिम छोर होने के साथ ही कांकेर, नारायणपुर जिले से भी  लगा हुआ है, इनके अलावा महाराष्ट राज्य के भी सीमा जुड़ी हुई होने के कारण चारो तरफ से  पर्याप्त मात्रा में सट्टा खेलने वाले ग्राहक भी आसानी से मिल जाते है। अंतिम छोर एवं नक्सल क्षेत्र का भरपूर फायदा खाईवाल द्वारा उठाया जा रहा है।


 कोरोना काल मे धडल्ले से चलता कारोबार

इन दिनों देश-प्रदेश कोरोना संक्रमण आपदा से जूझ रहा है, हर वर्ग का काम प्रभावित हो रहे है लेकिन इन खाईवाल का काम आज भी धडल्ले चल रहा है। इन्हें  न तो कोरोना से मतलब है और न ही किसी अन्य काम से यही कारण है कि इनके काम भी दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे है।


 अपराध का ग्राफ भी बढ़ रहे

विभागीय निष्क्रियता के चलते खाईवाल के हौसले तो बुलन्द है वही सट्टा पट्टी के गिरफ्त में आकर कितने जिंदगियां बर्बाद हो रहे है, वही चोरी, डैकती, मारपीट जैसे अपराध का ग्राफ भी तेजी से बढ़ते जा रहे है।

 अधिकारी,नेताओ का सिर्फ आश्वासन

 सट्टा पट्टी को बंद करने के लिए नेता व अधिकारी द्वारा आश्वासन जरूर दिये जाते है लेकिन यह केवल कहने एवं कागजो में ही दिखाई देता है जमीनी हकीकत आज भी जस का तस बनी हुई है।


विभागीय संरक्षण में मानपुर, मोहला बना सटोरिया का हब

 विभागीय संरक्षण में मानपुर, मोहला बना सटोरिया का हब राजनांदगांव । पुलिस विभाग के संरक्षण में मानपुर एवं मोहला सहित ब्ला...